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पूज्य महाराजश्री

 

आनन्द वृन्दावन आश्रम

 

आनन्द वृन्दावन
स्वामीश्री  सच्चिदानन्द सरस्वतीजी महाराज

आनन्द वृन्दावन आश्रम
स्वामी श्री अखण्डानन्द मार्ग
मोती झील वृन्दावन (मथुरा)
पिनः 281121 (भारत)

 

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स्वामी श्री  अखण्डानन्द जी सरस्वती - महाराज

 

 
 

आनन्द   वचन 

 
क्षण भर के लिए अपने आपका ही निरीक्षण, परीक्षण या समीक्षण कीजिये। आपका "मैं" किसी विकीर्ण कण के समान संकीर्ण तो नहीं हो गया है ? आपका "मैं" ज्ञान के प्रकाश को आवृत्त तो नहीं करता ? आप कब-कब, कहाँ-कहाँ, किस-किससे "मैं" को जोड़ते हैं और कैसे-कैसे तोड़ते हैं? आप जान में, अनजान में अपने "मैं" को कितना महत्त्व देते हैं? अपने "मैं" में कितना लीन रहते हैं? दृष्टि को उदीर्ण और विस्तीर्ण होने दीजिये। अस्मिता को = मैं-पन  को दृश्य के साथ नहीं, असंग चेतन के साथ जोड़िये। वह "मैं" प्रकाशक होगा तो आप समाधि की ओर बढ़ेंगे। अंतर्यामी होगा तो भक्ति-भावना और शरणागति का उदय होगा।
 

 

आगामी  कार्यक्रम

 
स्वाध्याय सत्र 

पंचदशी (रामकृष्ण टीका ) 

प्रवक्ता-द्रविड़ाचार्य रामकृष्ण स्वामी (ऋषिकेश )

दिनांक-8-10-2017  से 8-11-2017 तक
 

 
 
 

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