मुख्य प्रष्ठ  | संपर्क 

पूज्य महाराजश्री

 
 

आनन्द वृन्दावन आश्रम

आध्यात्मिक कार्यक्रम

जनकल्याण सेवा

फोटो एलबम

वार्षिक कार्यक्रम

प्रकाशन

आश्रम समाचार

बेवलिंक

आपका अभिप्राय

 

आनन्द वृन्दावन
स्वामीश्री  सच्चिदानन्द सरस्वतीजी महाराज

आनन्द वृन्दावन आश्रम
स्वामी श्री अखण्डानन्द मार्ग
मोती झील वृन्दावन (मथुरा)
पिनः 281121 (भारत)

 

Follow us on !
 

 

 
 
 

आश्रम समाचार :-

 
 

आनन्द वृन्दावन आश्रम

श्री वल्लभाचार्य जयन्ती
श्री वल्लभाचार्य जयन्ती
श्री वल्लभाचार्य जयन्ती
श्री वल्लभाचार्य जयन्ती
आज दिनांक 12-04-2018 को श्री वल्लभाचार्य जयन्ती आनन्द वृन्दावन आश्रम में हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। आज की विद्वत् संगोष्ठी की अध्यक्षता मथुरा के वल्लभ सम्प्रदाय के विद्वान् श्री राजराजेश्वर जी चतुर्वेदी ने की। उन्होंने कहा कि जीवन में समय की सार्थकता सत्सङ्ग से होती है। जीवन में ठाकुर जी की सेवा और भगवान् का गुणानुवाद गाना चाहिए। परम पूज्य स्वामी श्री अखण्डानन्द सरस्वती जी महाराज समन्वय-सिद्धांत के साक्षात् पोषक रहे हैं। यही कारण है कि आनन्द वृन्दावन आश्रम में सारे वैदिक आचार्यों की जयन्ती मनाई जाती है। 
श्रीचैतन्यमहाप्रभु जयंती
श्रीचैतन्यमहाप्रभु जयंती
श्रीचैतन्यमहाप्रभु जयंती
दिनांक-1 -3-2018 को श्रीचैतन्यमहाप्रभु जयंती आनंद वृन्दावन आश्रम में पुरी शंकराचार्य स्वामीश्री निश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज की अध्यक्षता में मनायी गयी।  जिसमें अनेकानेक विद्वानों ने समुपस्थित होकर अपनी-अपनी भाव कुसुमांजलि श्रीचैतन्यमहाप्रभु जी के श्रीचरणों में अर्पित की। 
संन्यास जयन्ती महोत्सव
&संन्यास जयन्ती महोत्सव
संन्यास जयन्ती महोत्सव
संन्यास जयन्ती महोत्सव
आज दिनांक -28 -01-2018 को आनन्द वृन्दावन आश्रम में परम पूज्य स्वामी श्री अखण्डानन्द सरस्वती जी महाराज की   संन्यास जयन्ती महोत्सव-पादुका पूजन  एवं विद्वत् संगोष्ठी के साथ हर्षोल्लास से मनायी   गयी  । 
 श्रीरामानंदाचार्य जयन्ती महोत्सव

 श्रीरामानंदाचार्य जयन्ती महोत्सव
  आज दिनांक 8 / 1/2018 तदनुसार माघ कृष्ण सप्तमी- आनन्द वृन्दावन आश्रम में जगद् गुरु श्रीरामानंदाचार्य जयन्ती महोत्सव सोल्लास पूर्वक मनाया गया। जिसमें सम्प्रदाय के अनेक विद्वान् संतों ने आचार्य चरण के प्रति अपनी भाव पुष्पांजलि अर्पित की। विद्वत् संगोष्ठी के अध्यक्ष श्री बिहारीदास भक्तमाली जी ने कहा कि प्रयाग की दिव्य भूमि में पिता श्री पुण्य सदन माता शुशीला के यहाँ आचार्य श्री का प्राकट्य हुआ। परोपकार और परहित  ही संतों का जीवन होता है। आचार्य चरण ने दुःखी जीवों को शीतलता प्रदान करने लिए भगवद् नाम एवं प्रभु शरणागति में लगाया।  श्री रामानन्द सम्प्रदाय की विशेषता है - निरन्तर हरिनाम स्मरण एवं साधु सेवा।  
 
 
 
 
 
 
 

 

Copyright 'Maharaj shri' 2013-14

 

Website Design & Developed by : Total Web Technology Pvt. Ltd.